कबीरधाम में ‘दीदियों’ ने संभाली स्टीयरिंग, गांव-गांव दौड़ेगी ‘दीदियों की गाड़ी’
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 10 महिला समूहों को सौंपी मैजिक वाहन की चाबी, परिवहन व्यवसाय में महिलाओं की एंट्री

कवर्धा | 24 मार्च 2026
कबीरधाम जिले में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अभिनव पहल की शुरुआत हुई है। अब तक पुरुष प्रधान माने जाने वाले परिवहन व्यवसाय में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए स्व-सहायता समूहों की महिलाएं स्टीयरिंग संभालने के लिए तैयार हैं।
सरस मेला के शुभारंभ अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जिले के 10 महिला समूहों को आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना के तहत टाटा मैजिक वाहनों की चाबियां सौंपीं। यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
प्रत्येक वाहन की लागत लगभग 7.50 लाख रुपये है, जिसमें से 5 लाख रुपये केंद्र सरकार द्वारा अनुदान के रूप में प्रदान किए गए हैं। शेष राशि का प्रबंधन संबंधित महिला समूहों द्वारा किया गया है, जिससे उनमें जिम्मेदारी और आत्मनिर्भरता की भावना भी विकसित हो रही है।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह पहल महिलाओं के लिए रोजगार का नया माध्यम बनेगी। अब महिलाएं स्वयं परिवहन सेवा संचालित कर अपनी आय बढ़ाएंगी और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर यातायात सुविधा उपलब्ध कराएंगी।
जिला पंचायत से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन महिला समूहों को वाहन संचालन के लिए प्रशिक्षण भी दिया गया है। ये वाहन जिले के 10 अलग-अलग ग्रामीण रूटों पर संचालित किए जाएंगे, जिससे विशेष रूप से दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
इस योजना के माध्यम से न केवल महिलाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे, बल्कि ग्रामीण परिवहन व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। यह पहल महिलाओं को “लखपति दीदी” बनने के लक्ष्य की ओर भी प्रेरित करेगी।
✍️ KT CHHATTISGARH NEWS
📍 कवर्धा, छत्तीसगढ़




