रोजगार सह आवास दिवस में ग्रामीणों से हुआ सीधा संवाद

क्यूआर कोड, आजीविका डबरी, युक्तधारा पोर्टल और नए रोजगार कानूनों की मिली जानकारी
पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन की दिशा में मजबूत पहल
- कवर्धा, 08 जनवरी 2026।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) एवं प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कबीरधाम जिले में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत किया जा रहा है। इसी कड़ी में जिले में रोजगार सह आवास दिवस का आयोजन कर ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया गया।
इस अवसर पर ग्रामीणों को बीते तीन वर्षों में मनरेगा एवं प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत हुए निर्माण कार्यों की जानकारी ऑनलाइन प्राप्त करने के लिए क्यूआर कोड स्कैन करने की प्रक्रिया सिखाई गई। अधिकारियों ने बताया कि गांव के प्रमुख स्थलों पर लगाए गए क्यूआर कोड को मोबाइल से स्कैन करते ही योजनाओं से संबंधित संपूर्ण जानकारी मोबाइल स्क्रीन पर उपलब्ध हो जाएगी, जिससे कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी।
आजीविका डबरी से बढ़ेगा रोजगार और आय
रोजगार सह आवास दिवस के दौरान ग्रामीणों को आजीविका डबरी के महत्व की जानकारी दी गई। बताया गया कि डबरी निर्माण से एक ओर जहां मजदूरी के माध्यम से रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर मछली पालन से स्थायी आजीविका का साधन बनेगा। डबरी के आसपास नमी के कारण सब्जी उत्पादन कर अतिरिक्त आय के अवसर भी सृजित होंगे।
हितग्राहियों को मत्स्य पालन विभाग एवं उद्यानिकी विभाग द्वारा तकनीकी प्रशिक्षण एवं सहायता प्रदान किए जाने की जानकारी भी दी गई।
हर माह 7 तारीख को होगा आयोजन
इस अवसर पर कलेक्टर कबीरधाम श्री गोपाल वर्मा ने बताया कि प्रत्येक माह की 7 तारीख को रोजगार सह आवास दिवस का आयोजन किया जाएगा। इसमें ग्रामीणों को योजनाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां, सामुदायिक एवं हितग्राही मूलक कार्यों, कूप निर्माण, डबरी निर्माण, पशु शेड, वृक्षारोपण सहित आजीविका संवर्धन गतिविधियों की जानकारी दी जाएगी।
आवास स्वीकृति और निर्माण पर हुई चर्चा
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत स्वीकृत आवासों के हितग्राहियों के नामों का वाचन किया गया। साथ ही आवास निर्माण हेतु प्राप्त किश्तों, मनरेगा मजदूरी भुगतान, निर्माण सामग्री की उपलब्धता तथा विभिन्न विभागों के अभिसरण (कन्वर्जेन्स) से मिलने वाली सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।

अधिकारियों ने हितग्राहियों से आवास निर्माण कार्य को समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने का आह्वान किया।
विकसित भारत जी-राम-जी से मिलेंगे नए अवसर
ग्रामीणों को विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) – जी-राम-जी के तहत 125 दिनों का रोजगार, समय पर मजदूरी भुगतान, मांग आधारित रोजगार, अधोसंरचना विकास एवं आजीविका संवर्धन जैसे प्रावधानों की जानकारी दी गई। नए कानून से श्रमिकों, महिलाओं, अनुसूचित जाति एवं जनजाति सहित कमजोर वर्गों को मिलने वाले लाभों पर भी प्रकाश डाला गया।
युक्तधारा पोर्टल और लेबर बजट पर मंथन
रोजगार सह आवास दिवस के अवसर पर आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मनरेगा अंतर्गत निर्माण कार्यों के चयन की प्रक्रिया पर चर्चा की गई। बताया गया कि युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से जीआईएस आधारित तकनीकी पद्धति से कार्यों का चयन किया जा रहा है, जो इसरो के भूवन प्लेटफॉर्म से जुड़ा हुआ है।
इसके साथ ही लेबर बजट को लेकर ग्रामीणों से सुझाव लिए गए और जल संरक्षण, तालाब निर्माण, गाद निकासी, आजीविका डबरी, कच्ची नाली निर्माण जैसे कार्यों को प्राथमिकता देने पर सहमति बनी।





