धान उपार्जन 2025-26: पहले दिन 306.8 क्विंटल की खरीदी
शासन ने सुचारू खरीदी के लिए लगाया एस्मा, तीन समिति प्रबंधक बर्खास्त
कलेक्टर गोपाल वर्मा ने 108 समितियों में अधिकारियों को दिया प्रभार
कवर्धा, 15 नवंबर 2025।

कबीरधाम ज़िले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए धान उपार्जन कार्य का शुभारंभ शुक्रवार को विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया गया। पहले दिन जिले में कुल 306.8 क्विंटल धान की खरीदी की गई।
जिला प्रशासन द्वारा सभी उपार्जन केन्द्रों में नाप-तौल, कांटा–बांट, बारदाना, ड्रेनेज सिस्टम और अन्य जरूरी सुविधाएँ सुनिश्चित की गई हैं, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
108 समितियों में अधिकारियों को प्रभार
प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के कर्मचारियों की हड़ताल को देखते हुए कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत विभिन्न विभागों के अधिकारियों को समिति प्रबंधक का प्रभार सौंपा है।
इनमें ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, पटवारी, उप अभियंता, सहायक कार्यक्रम समन्वयक, करारोपण अधिकारी, बीपीएम, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, विकास विस्तार अधिकारी, मत्स्य निरीक्षक सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं।
कलेक्टर ने बताया कि उपार्जन कार्य सुचारू, पारदर्शी और समयबद्ध रूप से जारी रखने के लिए सभी केंद्रों पर अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
तीन समिति प्रबंधक बर्खास्त
समिति मर्यादा ज़िन्दा, सल्फी और सहसपुर लोहारा द्वारा जारी आदेश में कर्मचारियों की लापरवाही पर तीन समिति प्रबंधकों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है।
इनमें —
घनश्याम चन्द्रवंशी (जिंदा)
गंगादास मानिकपुरी (सहसपुर लोहारा)
मनोज चन्द्राकर (चिल्फी)
शामिल हैं।
कर्मचारियों को पूर्व में कार्यालय उपस्थित होने और कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उन्होंने जवाब प्रस्तुत नहीं किया। उनकी लापरवाही से धान उपार्जन, ऋण वितरण, खाद–बीज वितरण जैसी गतिविधियाँ प्रभावित हुईं, जिससे किसानों को असुविधा का सामना करना पड़ा। बोर्ड की बैठक में सेवा नियमों के तहत इन्हें बर्खास्त किया गया।
शासन ने लगाया एस्मा, हड़ताल को अवैध घोषित
धान खरीदी कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने सहकारी समितियों के कर्मचारियों की हड़ताल पर एस्मा (ESMA) लागू कर दिया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि धान उपार्जन जैसे महत्वपूर्ण कार्य को रोकना किसानों के हितों पर सीधा असर डालता है, इसलिए हड़ताल को अवैध घोषित कर सभी कर्मचारियों को तत्काल ड्यूटी पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं।
यदि कर्मचारी सोमवार तक कार्य पर उपस्थित नहीं होते हैं, तो उनके खिलाफ विधिसम्मत सख्त कार्रवाई की जाएगी।





