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कवर्धा में सरस मेला का शुभारंभ, महिला समूहों को 11.43 करोड़ की सहायता राशि वितरित

🟢 कवर्धा में सरस मेला का शुभारंभ, महिला समूहों को 11.43 करोड़ की सहायता राशि वितरित

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कवर्धा | 24 मार्च 2026

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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत सरदार पटेल मैदान कवर्धा में आयोजित चार दिवसीय संभागीय सरस मेला का शुभारंभ प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने दीप प्रज्वलन कर किया। इस अवसर पर उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों को विभिन्न योजनाओं के तहत 11.43 करोड़ रुपए की सहायता राशि प्रदान की, जो महिलाओं के आजीविका संवर्धन में सहायक सिद्ध होगी।

उद्घाटन समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष चन्द्रप्रकाश चन्द्रवंशी, कलेक्टर गोपाल वर्मा, सीईओ जिला पंचायत अभिषेक अग्रवाल सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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🟡 महिला उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरस मेला महिला स्व-सहायता समूहों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री का बड़ा मंच प्रदान करता है। इससे वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेंगी।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में 2.69 लाख से अधिक महिला समूह सक्रिय हैं, जिनसे लगभग 30 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं, जो अब आर्थिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

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🟣 महिलाओं के लिए नई योजनाएं और सुविधाएं

श्री शर्मा ने जानकारी दी कि—

प्रदेश में 300 महतारी सदनों का निर्माण किया जा रहा है

हर ग्राम पंचायत में अटल डिजिटल सेवा केंद्र खोले जा रहे हैं

महिला समूहों के उत्पादों के विपणन के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म एप विकसित किया जाएगा

बैंक लिंकेज के जरिए महिलाओं को उद्योग स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है

🔵 लखपति दीदी और रोजगार के नए अवसर

कार्यक्रम में महिलाओं को 10 टाटा मैजिक वाहन भी प्रदान किए गए, जिससे वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में अब तक 8 लाख लखपति दीदी बनाई जा चुकी हैं।

इसके अलावा—

271 समूहों को 40.65 लाख रुपए चक्रीय निधि

172 समूहों को 1.03 करोड़ रुपए सामुदायिक निवेश निधि

बैंक लिंकेज के तहत 10 करोड़ रुपए का अंतरण

किया गया।

🟠 मेले में आकर्षण का केंद्र बने स्थानीय उत्पाद

मेले में महिला समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई है, जिनमें—

मिलेट आधारित बिस्कुट और खाद्य सामग्री

आचार, पापड़, फिनायल

दोना-पत्तल, अगरबत्ती

हैंडलूम बैग और हस्तशिल्प

विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

🔴 23 से 26 मार्च तक चलेगा मेला

कलेक्टर गोपाल वर्मा ने बताया कि यह मेला 23 मार्च से 26 मार्च 2026 तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक आयोजित होगा। मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम और किड्स जोन भी शामिल हैं।

✍️ निष्कर्ष

सरस मेला न केवल महिला समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का माध्यम बन रहा है, बल्कि ग्रामीण उत्पादों को बाजार से जोड़कर आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो रहा है।

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