विकसित गांव से विकसित भारत की तस्वीर पेश करती जिला पंचायत कबीरधाम की झांकी
125 दिनों का रोजगार, समय पर मजदूरी भुगतान, आजीविका व जल संरक्षण पर रहा विशेष फोकस
कवर्धा | 26 जनवरी 2026
77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित जिला स्तरीय समारोह में जिला पंचायत कबीरधाम की भव्य झांकी ने “विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)” की अवधारणा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। झांकी के माध्यम से विकसित गांव से विकसित भारत की संकल्पना को प्रभावशाली ढंग से हजारों दर्शकों तक पहुंचाया गया।
छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति के अनुरूप राउत नाचा पार्टी की रंगारंग प्रस्तुति के जरिए ग्रामीणों को मिलने वाले 125 दिनों के रोजगार, समय पर मजदूरी भुगतान, आजीविका संवर्धन, जल संरक्षण, कौशल विकास और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। वहीं महिला स्व-सहायता समूहों ने तख्तियों के माध्यम से योजनाओं के लाभों को दर्शाया।
इस अवसर पर जानकारी देते हुए प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत कबीरधाम श्री विनय कुमार पोयाम ने बताया कि झांकी के माध्यम से विकसित भारत जी-राम-जी योजना से ग्रामीणों को होने वाले लाभों के प्रति जागरूक किया गया। उन्होंने कहा कि भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास की स्पष्ट रूपरेखा झांकी में प्रदर्शित की गई।
उन्होंने आगे बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान योजना) से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा आजीविका गतिविधियों के माध्यम से “लखपति दीदी” बनने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को भी दर्शाया गया, जो महिला सशक्तिकरण का सशक्त संदेश देता है।
झांकी में ग्रामीण परिवारों के कच्चे घरों से पक्के आवास की ओर बढ़ने, पशु शेड, मुर्गी पालन शेड, आजीविका डबरी, समूह आधारित आजीविका कार्यों तथा योजनाओं के अभिसरण से होने वाले आर्थिक लाभ को आकर्षक रूप में प्रदर्शित किया गया। झांकी को दर्शकों ने खूब सराहा और जिला पंचायत कबीरधाम की झांकी को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ।
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विकसित भारत जी-राम-जी योजना की प्रमुख विशेषताएं
योजना 1 अप्रैल 2026 से कबीरधाम जिले की सभी ग्राम पंचायतों में लागू होगी।
प्रत्येक ग्रामीण परिवार को मिलेगा 125 दिनों का रोजगार।
समय पर काम नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता का प्रावधान।
विकास कार्यों का चयन ग्राम पंचायत द्वारा।
जल संरक्षण एवं आजीविका से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता।
कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित।
रोजगार के साथ कौशल विकास।
ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस पहल।
गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण।
महिलाओं और युवाओं की अग्रणी भूमिका सुनिश्चित।












