सरस्वती शिशु मंदिर राष्ट्रभक्ति के निर्माण की एक सशक्त पाठशाला : डॉ. वीरेन्द्र साहू

झलमला स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में वार्षिक उत्सव का भव्य आयोजन, बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
कवर्धा। सरस्वती शिशु मंदिर, झलमला में गत दिनों वार्षिक उत्सव कार्यक्रम का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करना तथा उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान करना रहा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत के सभापति डॉ. वीरेन्द्र साहू उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के विद्यार्थियों एवं विद्यालय परिवार द्वारा अनुशासित एवं मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिन्हें उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों ने खूब सराहा। बच्चों की प्रस्तुतियों में संस्कार, राष्ट्रप्रेम और सामाजिक मूल्यों की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. वीरेन्द्र साहू ने कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति के निर्माण की एक सशक्त पाठशाला है। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए गर्व का विषय है कि वे स्वयं भी सरस्वती शिशु मंदिर के विद्यार्थी रहे हैं और यहीं से मिले संस्कार आज उनके जीवन पथ का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
उन्होंने विद्यालय द्वारा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षकों की निष्ठा, विद्यालय प्रबंधन की दूरदर्शिता तथा विद्यार्थियों की प्रतिभा यह सिद्ध करती है कि सरस्वती शिशु मंदिर शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट कार्य कर रहा है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन पर मुख्य अतिथि ने विद्यालय प्रबंधन, आचार्यगण, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

👥 कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित
रामजीलाल देवांगन (व्यवस्था), दिलीप राजपूत (अध्यक्ष, स्कूल), ओ.पी. चंद्रवंशी (सरपंच), केदार साहू (सरपंच प्रतिनिधि, देहरी), योगेश चंदवंशी (प्रतिनिधि, गोपालभावना), हीराराम चंद्रवंशी (बूथ अध्यक्ष), प्रवीण ठाकुर, भूपेंद्र चंद्रवंशी (सदस्य, स्कूल), बालेश वैष्णव, डॉ. शिव चंद्रवंशी, ईश्वरी चंद्रवंशी, मोती साहू, जितेंद्र चंद्राकर (प्राचार्य) सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं स्कूली बच्चे उपस्थित रहे।





