KawardhaChhattisgarhकबीरधामछत्तीसगढ़पंडरियारायपुरलोहारा

नरेगा से स्वीकृत 307 आजीविका डबरी, 5.64 करोड़ की लागत से बदलेगी ग्रामीणों की तस्वीर

रोजगार, सिंचाई और जल संरक्षण का मजबूत आधार बनेंगी आजीविका डबरी

रोजगार, सिंचाई और जल संरक्षण का मजबूत आधार बनेंगी आजीविका डबरी

IMG 20260106 WA0015

नरेगा से स्वीकृत 307 आजीविका डबरी, 5.64 करोड़ की लागत से बदलेगी ग्रामीणों की तस्वीर

कवर्धा | 06 जनवरी 2026

कबीरधाम जिले में ग्रामीण आजीविका, जल संरक्षण और सिंचाई सुविधा को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत जिले में 307 आजीविका डबरी स्वीकृत की गई हैं, जिनका निर्माण कार्य तेज़ी से प्रगति पर है। इन डबरी के माध्यम से एक ओर जहां ग्रामीणों को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर स्थायी आजीविका के नए अवसर भी विकसित होंगे।

जिले में जल संरक्षण एवं आजीविका संवर्धन को प्राथमिकता देते हुए आजीविका डबरी का निर्माण खेतों के निचले हिस्सों, जल प्रवाह वाले क्षेत्रों एवं ग्रामीणों की मांग के अनुरूप स्थलों पर किया जा रहा है। इन डबरी की औसतन लंबाई-चौड़ाई 20 मीटर तथा गहराई 3 मीटर निर्धारित की गई है। चालू वित्तीय वर्ष में इन डबरी के निर्माण पर 5 करोड़ 64 लाख 88 हजार रुपये की लागत स्वीकृत की गई है।

मत्स्य पालन से बढ़ेगी आमदनी

IMG 20260106 WA0014

आजीविका डबरी से ग्रामीणों को बहुआयामी लाभ प्राप्त होंगे। डबरी में जल संग्रहण से भू-जल स्तर में सुधार होगा, जिससे आसपास के बोरवेल और हैंडपंप में जल उपलब्धता बढ़ेगी। साथ ही हितग्राही मत्स्य पालन कर सकेंगे। विभागीय अभिसरण के माध्यम से मत्स्य विभाग द्वारा मिनी किट एवं तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। अनुमान के अनुसार, 10 डिसमिल क्षेत्र की डबरी से 40 से 50 हजार रुपये तक की वार्षिक आय संभव है।

खेती और बागवानी को भी मिलेगा बढ़ावा

डबरी के मेढ़ों में नमी रहने से साग-सब्जी, फल एवं तिलहन फसलों का उत्पादन भी आसान होगा। इससे न केवल घरेलू जरूरतें पूरी होंगी, बल्कि अतिरिक्त उपज का विक्रय कर ग्रामीण अपनी आय में वृद्धि कर सकेंगे। इसके साथ ही डबरी में संचित जल से खेतों की सिंचाई भी सरल हो सकेगी।

307 डबरी से मिलेगा 1.97 लाख मानव दिवस का रोजगार

इस संबंध में कलेक्टर कबीरधाम श्री गोपाल वर्मा ने बताया कि वनांचल से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक ग्रामीणों की मांग पर अभियान के रूप में आजीविका डबरी स्वीकृत की जा रही हैं। इससे ग्रामीणों को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलने के साथ-साथ स्थायी आजीविका के साधन भी विकसित हो रहे हैं, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी अहम कदम है।

वहीं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत कबीरधाम श्री अजय कुमार त्रिपाठी ने जानकारी दी कि चालू वित्तीय वर्ष में स्वीकृत 307 डबरी से लगभग 1 लाख 97 हजार 056 मानव दिवस का रोजगार सृजित होगा। एक डबरी निर्माण से औसतन 642 मानव दिवस का रोजगार मिलने की संभावना है।

IMG 20260106 WA0013

जल संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम

उल्लेखनीय है कि एक आजीविका डबरी में औसतन 864 घन मीटर पानी का संग्रहण होगा। इस प्रकार जिले की सभी 307 डबरी से कुल 2 लाख 64 हजार 020 घन मीटर जल का संरक्षण संभव होगा, जो भविष्य में जल संकट से निपटने में मील का पत्थर साबित होगा

Related Articles

Back to top button

You cannot copy content of this page