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अमरकंटक में आस्था और विश्वास का विशाल संगम, विधायक भावना बोहरा द्वारा काँवड़ यात्रियों की सेवा के चौथे वर्ष 30000 से अधिक कांवड़ियों और शिवभक्तों के लिए की गई निःशुल्क भोजन एवं विश्राम की व्यवस्था

विधायक भावना बोहरा द्वारा काँवड़ यात्रियों की सेवा के चौथे वर्ष 30000 से अधिक कांवड़ियों और शिवभक्तों के लिए की गई निःशुल्क भोजन एवं विश्राम की व्यवस्था

अमरकंटक में आस्था और विश्वास का विशाल संगम, विधायक भावना बोहरा द्वारा काँवड़ यात्रियों की सेवा के चौथे वर्ष 30000 से अधिक कांवड़ियों और शिवभक्तों के लिए की गई निःशुल्क भोजन एवं विश्राम की व्यवस्था

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सावन माह में कबीरधाम जिले से अमरकंटक जाने वाले कांवड़ यात्रियों एवं श्रद्धालुओं की सेवा हेतु निरंतर चौथे वर्ष भी भावना बोहरा द्वारा 11 जुलाई से 6 अगस्त तक उनके ठहरने एवं भोजन हेतु नि:शुल्क व्यवस्था की गई थी। इस दौरान लगभग 30,000 कांवड़ यात्रियों एवं शिवभक्तों का मेला मैदान, नया पालिका परिसर, अमरकंटक में आगमन हुआ जहाँ संस्थान के सदस्यों द्वारा उनका स्वागत कर सेवा की गई। परिसर में प्रतिदिन हजारों की संख्या में कबीरधाम जिले से कांवड़ यात्रियों एवं श्रद्धालुओं का आगमन जारी रहा वहीं संध्या आरती में प्रतिदिन हजारों की संख्या में भक्तजनों ने शामिल होकर शिवजी की आराधना कर भोजन एवं प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान भक्तिमय भजन संध्या एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी भव्य आयोजन किया गया।

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इस अवसर पर भावना बोहरा ने कहा कि सावन माह के अवसर पर कबीरधाम जिले से अमरकंटक जाने वाले शिव भक्तों और कांवड़ यात्रियों के कठिन यात्रा में पुण्य का भागीदार बनने का हमें एक सौभाग्यशाली अवसर प्राप्त हुआ। भावना समाज सेवी संस्थान के सदस्यगण भी 11 जुलाई से 6 अगस्त तक उनकी सेवा में दिन-रात अनवरत जुटे हुए थे ताकि उन्हें किसी भी प्रकास की कोई असुविधा न हो। मेला मैदान, नया पालिका परिसर,अमरकंटक में कबीरधाम जिले के कांवड़ यात्रियों के कठिन यात्रा के बाद विश्राम हेतु उनके ठहरने व भोजन की निःशुल्क व्यवस्था की गई थी जहां प्रतिवर्ष श्रद्धालुओं एवं कांवड़ यात्रियों का आगमन हो रहा है साथ हर वर्ष शिवभक्तों की बढ़ती संख्या हमारे प्रयासों एवं मन को संतुष्टि व प्रसन्न करने वाली है। इस वर्ष लगभग 30000 हजार से अधिक की संख्या में श्रद्धालुओं व कांवड़ियों का आगमन हुआ और उनकी सेवा करने का अवसर मिलना हमारे लिए परम सौभाग्य की बात है। इस दौरान हमारे इस प्रयास में भावना समाज सेवी संस्थान के सदस्यों, कबीरधाम जिले के वरिष्ठजनों, प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से समाज सेवकों व पूरे कबीरधाम जिले की जनता ने अपना भरपूर सहयोग, आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन हमें दिया और उनके इसी अपार स्नेहरूपी आशीर्वाद से हमें यह कार्य करने का अवसर मिला जिसके लिए मैं सभी का आभार व्यक्त करती हूँ।

 

इस अवसर पर भावना बोहरा ने कहा कि हमारे इस प्रयास से उनके चेहरों पर आई ख़ुशी और कठिन यात्रा के बाद उन्हें सुविधा मिली उसे देखकर बहुत ही प्रसन्नता हुई है। मैं कबीरधाम जिले से पधारे समस्त कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं का हार्दिक स्वागत करती हूँ और आभार भी व्यक्त करती हूँ की हमें इस पुण्य का भागीदार बनने का अवसर प्रदान किया। हमारी धार्मिक सभ्यता के प्रसार एवं उसे संजोने में आप सभी का यह अतुलनीय योगदान हमारी आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करेगा इसके साथ ही सनातन धर्म, संस्कृति उसकी गौरवशाली महिमा को भी पोषित तथा संरक्षित करने का कार्य करेगा।

 

इस वर्ष सावन का माह मेरे लिए भी बहुत ही भाग्यशाली रहा। हमारे कांवड़ यात्रियों की भक्ति भावना से प्रेरणा लेकर और माँ नर्मदा एवं भगवान भोलेनाथ के आशीर्वाद से मुझे भी माँ नर्मदा मंदिर अमरकंटक से भोरमदेव मंदिर तक 151 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा करने का अवसर प्राप्त हुआ। छत्तीसगढ़ वासियों की सुख-समृद्धि एवं प्रदेश की खुशहाली हेतु इस यात्रा में मेरे साथ सैकड़ों कांवड़ियों ने भी कदम से कदम मिलाकर साथ दिया और 7 दिनों में हमने घने जंगलों, उफनती नदियों, बिहड़ रास्तों को पार करते हुए अपनी यात्रा पूर्ण की।

 

भावना बोहरा ने आगे कहा कि कांवड़ यात्रा हमारी धार्मिक परंपरा और भगवान भोलेनाथ के प्रति आस्था एवं विश्वास का प्रतीक है। श्रावण मास के शुभ अवसर पर कांवड़ यात्रियों की सेवा करने एवं यात्रा के सहभागी बनने का हमें पुण्य अवसर मिला। प्रतिदिन यहां होने वाले भजन संध्या में भी हजारों की संख्या में शिवभक्तों की उपस्थिति हमें अपने इन प्रयासों को निरंतर जारी रखने के लिए बल प्रदान करती है। हमारी धार्मिक परंपरा व संस्कृति को जिवंत रखने और हमारी आने वाली पीढ़ियों को इससे अवगत कराने के लिए इतनी कठिन यात्रा करके पधारे कांवड़ियों की सुविधा, सात्विक भोजन एवं विश्राम हेतु यहां हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध रही। संस्थान के सदस्यों द्वारा भी उनकी सुविधा में कोई कमी न हो उसका विशेष ध्यान रखा गया और 6 अगस्त को भी हजारों की संख्या में कांवड़ियों का आगमन हुआ। मैं सभी का हृदय से अभिनंदन करती हूँ और इस प्रयास में अपना सहयोग प्रदान करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के प्रति आभार व्यक्त करती हूँ।

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