सावन में शिवभक्तों की सेवा, अमरकंटक में विधायक भावना बोहरा ने शुरू की निःशुल्क भोजन और विश्राम सुविधा

सावन के पहले दिन 400 से अधिक कांवड़ियों का आगमन, जलेश्वर महादेव डोंगरिया में पूरे माह भंडारा और गोपालपुर में भी विश्राम की व्यवस्था।
कवर्धा/पंडरिया। सावन माह के शुभारंभ के साथ ही पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने लगातार पांचवें वर्ष शिवभक्त कांवड़ यात्रियों की सेवा के लिए अमरकंटक में निःशुल्क भोजन एवं सर्वसुविधायुक्त विश्राम केंद्र की शुरुआत की है। यह व्यवस्था 30 जुलाई से 24 अगस्त तक मेला मैदान (डोम), नया नगर पालिका के पास, अमरकंटक (जिला अनुपपुर, मध्यप्रदेश) में संचालित होगी।

सावन के प्रथम दिन ही 400 से अधिक कांवड़ यात्रियों का आगमन हुआ, जहां उनका स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं ने सात्विक भोजन ग्रहण किया और मां नर्मदा व भगवान भोलेनाथ की संध्या आरती में शामिल होकर पूजा-अर्चना की।
विधायक भावना बोहरा ने बताया कि पिछले वर्ष इस सेवा का लाभ लगभग 15 हजार श्रद्धालुओं और कांवड़ यात्रियों ने लिया था। इस वर्ष भी श्रद्धालुओं के लिए सुबह चाय-नाश्ता, दोपहर एवं रात्रि भोजन, स्नान, विश्राम, पेयजल सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। भावना समाज सेवी संस्थान के सदस्य 24 घंटे सेवा में तैनात रहेंगे। किसी भी सहायता के लिए 9755359004 एवं 9754462000 हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं।
इस वर्ष कांवड़ यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गोपालपुर पंचायत परिसर (मध्यप्रदेश) में भी निःशुल्क विश्राम की व्यवस्था की गई है। वहीं पंडरिया विधानसभा के प्रमुख धार्मिक स्थल जलेश्वर महादेव, डोंगरिया में पूरे सावन माह प्रतिदिन श्रद्धालुओं और कांवड़ियों के लिए भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

विधायक भावना बोहरा ने कहा कि कबीरधाम जिले से हजारों श्रद्धालु कठिन यात्रा कर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने अमरकंटक पहुंचते हैं। उनकी यात्रा सुरक्षित, सुगम और सुखद हो, यही उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि शिवभक्तों की सेवा करना भगवान भोलेनाथ की सेवा करने के समान है और क्षेत्रवासियों के सहयोग से लगातार पांचवें वर्ष यह सेवा कार्य संचालित किया जा रहा है।
पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने सावन माह में अमरकंटक पहुंचने वाले कांवड़ यात्रियों के लिए लगातार पांचवें वर्ष निःशुल्क भोजन एवं विश्राम केंद्र शुरू किया है। पहले दिन 400 से अधिक श्रद्धालुओं ने सुविधा का लाभ लिया, जबकि गोपालपुर और जलेश्वर महादेव डोंगरिया में भी विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।




