कबीरधामछत्तीसगढ़

कवर्धा शहर में स्नेहा हॉस्पिटल के महिला शौचालय से तेंदुए का सफल रेस्क्यू

वन विभाग की तत्परता से टला बड़ा खतरा, उपचार के बाद भोरमदेव अभयारण्य में सुरक्षित छोड़ा गया तेंदुआ

कवर्धा शहर में स्नेहा हॉस्पिटल के महिला शौचालय से तेंदुए का सफल रेस्क्यू

वन विभाग की तत्परता से टला बड़ा खतरा, उपचार के बाद भोरमदेव अभयारण्य में सुरक्षित छोड़ा गया तेंदुआ

कवर्धा, शहर के मध्य स्थित स्नेहा हॉस्पिटल के महिला शौचालय में तेंदुआ मिलने की सूचना से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही वन विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस विभाग और विशेषज्ञों की मदद से रेस्क्यू अभियान शुरू किया। कई घंटों की मशक्कत के बाद तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

 

वन मंडल अधिकारी श्री निखिल अग्रवाल के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने पुलिस विभाग तथा बिलासपुर से पहुंचे विशेषज्ञों और पशु चिकित्सकों के समन्वय से रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम

वन विभाग के अनुसार, घटना की सूचना सुबह करीब 10 बजे मिली। इस दौरान तेंदुए के हमले से एक महिला को चोटें आईं, जिसका उपचार कराया गया। वन विभाग द्वारा नियमानुसार प्रभावित महिला को मुआवजा प्रदान किए जाने की बात कही गई है।

 

अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग से तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि होने के बाद रेस्क्यू की कार्रवाई तेज की गई।

 

भीड़ को नियंत्रित कर बनाया गया सुरक्षित वातावरण

 

सूचना मिलते ही वन मंडल अधिकारी के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन विभाग और पुलिस ने संयुक्त रूप से भीड़ को नियंत्रित किया तथा लोगों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की।

 

तेंदुए को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालने के लिए बिलासपुर से विशेषज्ञों एवं पशु चिकित्सकों की टीम को बुलाया गया। विशेषज्ञों ने मौके की परिस्थितियों का आकलन कर रेस्क्यू की प्रक्रिया शुरू की।

 

दोपहर 2:55 बजे ट्रैंक्विलाइज़र डार्ट से किया गया बेहोश

विशेषज्ञ टीम ने सावधानीपूर्वक कार्रवाई करते हुए दोपहर करीब 2:55 बजे ट्रैंक्विलाइज़र डार्ट की मदद से तेंदुए को बेहोश किया। इसके बाद उसे सुरक्षित तरीके से पिंजरे में रखा गया और लालपुर नर्सरी ले जाया गया।

 

वन विभाग के अनुसार रेस्क्यू किया गया तेंदुआ नर है और उसकी अनुमानित आयु करीब छह वर्ष है।

 

स्वास्थ्य परीक्षण के बाद भोरमदेव अभयारण्य में छोड़ा गया

 

लालपुर नर्सरी में पशु चिकित्सकों ने तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण किया और आवश्यक उपचार किया। इसके बाद शाम करीब 6 बजे तेंदुए को भोरमदेव अभयारण्य में सुरक्षित छोड़ दिया गया।

 

वन विभाग, पुलिस विभाग, विशेषज्ञ दल और पशु चिकित्सकों के समन्वित प्रयास से रेस्क्यू अभियान सफलतापूर्वक पूरा हुआ।

 तेंदुआ को सुरक्षित छोड़ते हुए

वन विभाग ने नागरिकों से की अपील

वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी वन्यजीव के दिखाई देने पर उसके करीब जाने या उसे घेरने की कोशिश न करें। मौके पर भीड़ एकत्र न करें और तत्काल वन विभाग को सूचना दें।

 

वन विभाग के अनुसार, नागरिकों का सहयोग जनसुरक्षा के साथ-साथ वन्यजीवों के सुरक्षित रेस्क्यू में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

 

रिपोर्ट — खिलेश्वर सिन्हा

KT छत्तीसगढ़ न्यूज

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KT Chhattisgarh News

खिलेश्वर सिन्हा KT CHHATTISGARH NEWS के संस्थापक एवं संपादक हैं। वे कवर्धा एवं कबीरधाम सहित छत्तीसगढ़ की स्थानीय, सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से पाठकों तक पहुंचाते हैं। KT CHHATTISGARH NEWS का उद्देश्य विश्वसनीय, निष्पक्ष और त्वरित समाचार उपलब्ध कराना है।

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