सरोवर समृद्धि योजना से बोडला में बदलेगी ग्रामीणों की तकदीर, मछली पालन से मिलेगा रोजगार
बोडला | कबीरधाम
नीति आयोग द्वारा संचालित सरोवर समृद्धि योजना ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है। विकासखंड बोडला में इस योजना के तहत 58 तालाबों के गहरीकरण को स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 23 तालाबों का पुनरुद्धार कार्य पूर्ण हो चुका है। तालाबों में बढ़े जलभराव से न केवल भू-जल स्तर में सुधार हुआ है, बल्कि जल संरक्षण को भी मजबूती मिली है।

तालाबों के गहरीकरण के बाद अब ग्रामीणों के लिए मछली पालन के रूप में आजीविका के नए अवसर खुल रहे हैं। योजना के अंतर्गत 16 तालाबों में 160 सदस्यों वाले स्व-सहायता समूह मछली पालन गतिविधियों से जुड़ चुके हैं। इन समूहों का संचालन राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) की महिला समूहों द्वारा किया जा रहा है।
इस संबंध में कलेक्टर कबीरधाम श्री गोपाल वर्मा ने बताया कि मत्स्य पालन विभाग द्वारा फिंगरलिंग मिश्रित मछली बीज की आपूर्ति की गई है, जिसमें कुल 1,09,960 मछलियां शामिल हैं। इनमें स्थानीय स्तर पर पसंद की जाने वाली कतला, रोहू और मिरगल प्रजाति की मछलियां हैं। मछली बीज की कुल लागत का 50 प्रतिशत अनुदान विभाग द्वारा प्रदान किया गया है, जबकि शेष 50 प्रतिशत राशि ऋण के रूप में बिहान की सामुदायिक जीवन निधि से उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने बताया कि महिला समूहों को मछली पालन के लिए 10 दिवसीय प्रशिक्षण भी दिया गया है, जिससे वे इस व्यवसाय को सफलतापूर्वक आगे बढ़ा सकें।
वहीं, प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कबीरधाम श्री विनय कुमार पोयाम ने कहा कि यह पहल न केवल ग्रामीणों को स्थायी आय का स्रोत प्रदान करेगी, बल्कि भू-जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन में भी सहायक होगी। महिला समूह स्थानीय बाजारों में मछलियों की बिक्री कर सकेंगी, जिससे उनकी आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
गौरतलब है कि विकासखंड बोडला आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रम में शामिल है, जिसे केंद्र सरकार द्वारा नीति आयोग के माध्यम से सीधे क्रियान्वित किया जा रहा है। सरोवर समृद्धि योजना ग्रामीण विकास, जल संरक्षण और रोजगार सृजन का एक प्रभावी मॉडल बनकर उभर रही है।







