हरियाली से समृद्धि की ओर: नेउरगांव खुर्द में वृहद वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण के साथ आजीविका बढ़ाने पर जोर

कबीरधाम | पर्यावरण संरक्षण, ग्रामीण आजीविका और सतत विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकासखंड बोड़ला के ग्राम नेउरगांव खुर्द में मंगलवार को वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों, किसानों, युवाओं और ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर पौधरोपण किया तथा उनके संरक्षण का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्रों में हरित आवरण बढ़ाने, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने, जल एवं वन संरक्षण को मजबूत करने और कृषि आधारित आजीविका को सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य और आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत की मजबूत नींव हैं।
भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव (आईएफडी) पी. के. शर्मा ने कहा कि आजीविका का उद्देश्य केवल आय अर्जित करना नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण में योगदान देना होना चाहिए। वहीं ग्रामीण विकास मंत्रालय के अवर सचिव राहुल श्रीवास्तव ने लोगों से अपील की कि हर व्यक्ति अपनी मां के नाम से एक पौधा लगाए, ताकि उसके संरक्षण के प्रति भावनात्मक जुड़ाव भी बना रहे।
कार्यक्रम में बताया गया कि यह वृक्षारोपण मॉडल पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा। पौधों के बीच पर्याप्त दूरी रखकर अंतरवर्ती खेती (इंटरक्रॉपिंग) की जाएगी, जिससे किसानों, विशेषकर महिलाओं को अतिरिक्त आय और रोजगार के अवसर मिलेंगे। साथ ही जल संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में भी यह पहल महत्वपूर्ण साबित होगी।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ अभिषेक अग्रवाल, एपीओ विनायक गुप्ता, जनपद पंचायत बोड़ला के सीईओ आकाश सिंह ठाकुर, कार्यक्रम अधिकारी रमेश भास्कर, उद्यानिकी विभाग के आकाश डड़सेना, जिला समन्वयक दीपक बागरी, ग्राम पंचायत नेउरगांव खुर्द के सरपंच नेमसिंह धुर्वे, उपसरपंच कुलदीप चंद्रवंशी, अशोक वर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, शिक्षक, स्वयंसेवक और युवा उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी नियमित देखभाल का संकल्प लिया। आयोजकों ने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण सुनिश्चित करे, तो हरित, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार किया जा सकता है। यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण के साथ सामुदायिक भागीदारी और सतत विकास की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल बनकर सामने आया।





