81 लाख से अधिक के धान घोटाले का खुलासा, समिति प्रबंधक के घर से 16 लाख रुपये नकद जब्त
कवर्धा। कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा थाना पुलिस ने धान खरीदी में हुए बड़े वित्तीय अनियमितता मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन धान उपार्जन केंद्रों के समिति प्रबंधक, फड़ प्रभारी और कंप्यूटर ऑपरेटरों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। जांच में शासन को 81 लाख 19 हजार 502 रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाने का मामला सामने आया है।
पुलिस के अनुसार खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान सहसपुर लोहारा, बासिनझोरी और बिरनपुर कला धान उपार्जन केंद्रों में धान एवं खाली बारदानों के संबंध में अमानत में खयानत कर शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया। संयुक्त जांच दल की आकस्मिक जांच में अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद जिला सहकारी बैंक मर्यादित राजनांदगांव, शाखा सहसपुर लोहारा के शाखा प्रबंधक संतोष कुमार गंधर्व की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया।
जांच के आधार पर थाना लोहारा में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 316(5) एवं 3(5) के तहत तीन अलग-अलग अपराध दर्ज किए गए हैं।
अपराध क्रमांक 79/26 में समिति प्रबंधक गंगादास मानिकपुरी, फड़ प्रभारी बलदाऊ डड़सेना तथा कंप्यूटर ऑपरेटर बिहारी राम साहू को आरोपी बनाया गया है।
अपराध क्रमांक 80/26 में समिति प्रबंधक गंगादास मानिकपुरी, फड़ प्रभारी तुकाराम साहू एवं कंप्यूटर ऑपरेटर पीलूराम साहू के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
अपराध क्रमांक 81/26 में समिति प्रबंधक गंगादास मानिकपुरी तथा कंप्यूटर ऑपरेटर महावीर साहू को आरोपी बनाया गया है।

विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी समिति प्रबंधक गंगादास मानिकपुरी के घर की तलाशी ली। इस दौरान आरोपी फरार मिला, जबकि उसके घर से करीब 16 लाख रुपये नकद, विभिन्न बैंकों की पासबुक, एक लैपटॉप और सीपीयू जब्त किए गए। पुलिस द्वारा पूछताछ में परिवार के सदस्यों ने बताया कि यह राशि गंगादास की है, लेकिन यह पैसा कब और कहां से आया, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
पुलिस ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सूचना तंत्र सक्रिय कर दिया है। फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी है।
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र बघेल एवं अमित पटेल के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी कृष्ण कुमार चंद्राकर के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष मिश्रा के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई में डीएसपी डॉ. परमिला मंडावी, उप निरीक्षक, प्रधान आरक्षक एवं अन्य पुलिस कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।





