गौचर भूमि को कब्जा मुक्त कराने ग्रामीणों की पहल, सूरजपुरा में सरकारी जमीन के सीमांकन की मांग
गौ माता के चरने के लिए सुरक्षित हो जमीन, ग्रामीणों ने स्वेच्छा से गौचर भूमि छोड़ने की जताई पहल; प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
कवर्धा। जिले के ग्राम सूरजपुरा में गौचर भूमि को कब्जा मुक्त कराने और शासकीय जमीन को सुरक्षित रखने के लिए ग्रामीणों ने पहल शुरू की है। गौ माता के लिए पर्याप्त चराई भूमि उपलब्ध कराने तथा गांव में भविष्य के शासकीय और विकास कार्यों के लिए जमीन सुरक्षित रखने के उद्देश्य से ग्रामीण स्वेच्छा से गौचर भूमि छोड़ने के लिए आगे आ रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर गांव की समस्त शासकीय भूमि का सीमांकन कराने और सरकारी जमीन पर हुए कथित अवैध कब्जों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
बाइट — उत्तम जायसवाल, ग्रामीण
गौ माता के लिए पर्याप्त चराई भूमि उपलब्ध कराने की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि गौ माता के लिए पर्याप्त गौचर भूमि उपलब्ध होना जरूरी है, ताकि मवेशियों को चरने के लिए उचित स्थान मिल सके। इसके साथ ही गांव की सरकारी जमीन का सही रकबा और सीमाएं निर्धारित की जानी चाहिए, जिससे शासकीय भूमि सुरक्षित रह सके।
सरकारी जमीन का सीमांकन कर कब्जा हटाने की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव की सभी सरकारी जमीनों का राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर सीमांकन कराया जाए। जहां भी शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे पाए जाते हैं, वहां जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई कर जमीन को कब्जा मुक्त कराया जाए।
ग्रामीणों का मानना है कि सरकारी जमीन सुरक्षित रहने से भविष्य में गांव के विकास कार्यों और सार्वजनिक सुविधाओं के लिए भूमि की उपलब्धता बनी रहेगी।
ग्रामीणों की पहल बनी चर्चा का विषय
ग्राम सूरजपुरा के ग्रामीणों की यह पहल गौचर भूमि के संरक्षण और सार्वजनिक हित में उठाया गया कदम है। अब ग्रामीणों की मांग पर प्रशासन क्या कार्रवाई करता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
बाइट — सुनील जायसवाल, ग्रामीण
रिपोर्ट — खिलेश्वर सिन्हा
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