मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने किया ‘भावना दीदी की साइंस पाठशाला’ का शुभारंभ, सरकारी स्कूलों के बच्चे सीखेंगे AI, ड्रोन और रोबोटिक्स

रायपुर/पंडरिया। पंडरिया विधानसभा के सरकारी एवं वनांचल क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जोड़ने की दिशा में विधायक भावना बोहरा की महत्वाकांक्षी पहल ‘भावना दीदी की साइंस पाठशाला’ का शुभारंभ गुरुवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने किया। दोनों नेताओं ने हाईटेक मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो पंडरिया विधानसभा के सरकारी और सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालयों में पहुंचकर विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण देगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप तैयार करना है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी AI, रोबोटिक्स और डिजिटल तकनीकों से जोड़ना विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि यह केवल एक मोबाइल लैब नहीं, बल्कि ग्रामीण प्रतिभाओं को नई उड़ान देने वाला अभियान है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस पहल से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी आधुनिक तकनीकों को व्यवहारिक रूप से सीखकर भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होंगे।
5 हजार विद्यार्थियों को मिलेगा प्रशिक्षण
विधायक भावना बोहरा ने बताया कि मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब के माध्यम से एक वर्ष में पंडरिया विधानसभा के 5 हजार से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। प्रत्येक विद्यालय में 5 अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा 3 से 5 दिन की कार्यशाला आयोजित की जाएगी। पहले चरण में कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा प्रशिक्षण पूर्ण करने पर प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया जाएगा।
AI, ड्रोन, रोबोटिक्स और 3D प्रिंटिंग का मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण
मोबाइल साइंस लैब में विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन एवं एयरोमॉडलिंग, 3D प्रिंटिंग, कोडिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), ऑगमेंटेड एवं वर्चुअल रियलिटी (AR/VR) जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी शिक्षा के बीच तकनीकी अंतर को कम करना और विद्यार्थियों को भविष्य के रोजगार एवं नवाचार के लिए तैयार करना है।
ग्रामीण विद्यार्थियों को मिलेगा बड़ा अवसर
भावना बोहरा ने कहा कि पंडरिया विधानसभा का अधिकांश हिस्सा ग्रामीण और वनांचल क्षेत्र है, जहां के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों तक पहुंच नहीं मिल पाती। इस पहल के माध्यम से दूरस्थ गांवों के बच्चों को भी वही अवसर उपलब्ध होंगे जो बड़े शहरों के विद्यार्थियों को मिलते हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल तकनीक सिखाने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि बच्चों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता, आत्मविश्वास और बड़े सपने देखने की प्रेरणा देने का अभियान है।
शिक्षकों को भी मिलेगा प्रशिक्षण
विधायक ने बताया कि जल्द ही शासकीय विद्यालयों के शिक्षकों के लिए भी विशेष कार्यशाला आयोजित की जाएगी, जिसमें उन्हें आधुनिक तकनीकों के संचालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद मोबाइल टेक्नोलॉजी लैब का नियमित संचालन विधानसभा क्षेत्र के सभी विद्यालयों में शुरू किया जाएगा।
निःशुल्क बस सेवा से 1500 से अधिक बेटियों को लाभ
भावना बोहरा ने बताया कि पंडरिया विधानसभा में दूरस्थ क्षेत्रों की छात्राओं के लिए 10 निःशुल्क बसों का संचालन किया जा रहा है। इस योजना से अब तक 1500 से अधिक छात्राओं को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिली है, जिससे वे बिना किसी बाधा के उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही हैं।
250 से अधिक युवाओं को निःशुल्क प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग
उन्होंने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए ‘लक्ष्य’ निःशुल्क कोचिंग संचालित की जा रही है, जहां वर्तमान में 250 से अधिक युवाओं को IIT-JEE, NEET और CGPSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक सुशांत शुक्ला, योगेश्वर राजू सिन्हा सहित भाजपा के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।




