भोरमदेव अभयारण्य में वन्यजीव संरक्षण को लेकर WTI ने आयोजित किया संवेदीकरण कार्यक्रम
फ्रंटलाइन स्टाफ को वन्यजीव कॉरिडोर, कैमरा ट्रैप और वन्यजीव अपराध रोकथाम की दी गई जानकारी

कवर्धा, सेवा संकल्प अभियान एवं वन्यप्राणी सप्ताह के अंतर्गत भोरमदेव वन्यजीव अभयारण्य में वन्यजीव संरक्षण को लेकर वन विभाग के फ्रंटलाइन स्टाफ के लिए संवेदीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन वन विभाग एवं Wildlife Trust of India (WTI) के सहयोग से किया गया।

वनमंडलाधिकारी (DFO) श्री निखिल अग्रवाल के मार्गदर्शन में आयोजित यह कार्यक्रम 06 अक्टूबर को हुआ। इसका उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ मैदानी अमले की क्षमता को मजबूत करना रहा।
‘Connecting Habitat, Thriving Wildlife’ थीम पर हुई चर्चा
कार्यक्रम के दौरान वन्यप्राणी सप्ताह की थीम “Connecting Habitat, Thriving Wildlife” पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने वन्यजीवों के सुरक्षित भविष्य और उनके प्राकृतिक आवासों के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस दौरान वन्यजीव कॉरिडोर के महत्व, वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही तथा प्राकृतिक आवासों को सुरक्षित रखने से जुड़े विषयों पर जानकारी दी गई।

कैमरा ट्रैप और आधुनिक तकनीक के उपयोग पर प्रशिक्षण
फ्रंटलाइन स्टाफ को कैमरा ट्रैप के प्रभावी उपयोग एवं निगरानी, वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखने तथा संरक्षण कार्यों में आधुनिक तकनीकों के उपयोग के संबंध में व्यावहारिक जानकारी दी गई।
इसके साथ ही वन्यजीव अपराध एवं अवैध वन्यजीव व्यापार की रोकथाम, अपराधों की पहचान और मैदानी स्तर पर सतत निगरानी की भूमिका पर भी चर्चा की गई।
मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति में व्यवहार पर जोर
भोरमदेव वन्यजीव अभयारण्य की अधीक्षक श्रीमती अनिता साहू ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण में फ्रंटलाइन स्टाफ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति में कर्मचारियों के व्यवहार और जिम्मेदारी पर प्रकाश डाला।
उन्होंने वैज्ञानिक तकनीकों, सतत निगरानी और विभागीय समन्वय के माध्यम से वन्यजीव अपराधों की रोकथाम एवं संरक्षण कार्यों को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
WTI की टीम रही मौजूद
कार्यक्रम में Wildlife Trust of India की ओर से प्रोजेक्ट हेड एवं ऑफिसर इन चार्ज श्री अंकित ठाकुर, सहायक प्रबंधक (समाजशास्त्री) डॉ. महेंद्र राउत, फील्ड ऑफिसर (जीवविज्ञानी) श्री वेदांग सैखेडकर तथा प्रवर्तन अधिकारी श्री शारिक अशर उपस्थित रहे।
इसके अलावा रेंजर श्री किशोर साहू, विभागीय फ्रंटलाइन स्टाफ एवं समर्थ ग्रुप के सदस्य भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम का उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ मैदानी अमले को वन्यजीवों की निगरानी, वन्यजीव अपराधों की पहचान और उनकी रोकथाम के संबंध में व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराना रहा।
रिपोर्ट — खिलेश्वर सिन्हा
KT छत्तीसगढ़ न्यूज
📞 8889540664




