प्रदेश में पहली बार कबीरधाम की 40 महिलाएं बनीं ‘सोलर दीदी’, सौर ऊर्जा से मिला स्वरोजगार का नया अवसर
कवर्धा, 19 जुलाई 2026।

कबीरधाम जिले ने सौर ऊर्जा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में प्रदेश स्तर पर एक नई मिसाल पेश की है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के माध्यम से जिले की 40 महिलाओं को ‘सोलर दीदी’ के रूप में प्रशिक्षित कर स्वरोजगार से जोड़ा गया है। ये महिलाएं अब ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा पैनल स्थापित कर न केवल घरों को रोशन कर रही हैं, बल्कि अपनी आर्थिक स्थिति भी मजबूत बना रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में जिला पंचायत कबीरधाम द्वारा इस पहल को अमलीजामा पहनाया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में सस्ती एवं स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने के साथ महिलाओं को आजीविका का नया साधन देने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जिला पंचायत कबीरधाम, बिहान एवं CSPDCL (RAPM) रायपुर के सहयोग से वंदे मातरम् संकुल संगठन, कवर्धा को सोलर वेंडर के रूप में पंजीकृत किया गया। वहीं टाटा कंपनी द्वारा 35 महिलाओं को सौर ऊर्जा प्रणाली की स्थापना एवं संचालन का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के बाद महिलाओं ने गांव-गांव जाकर लोगों को सौर ऊर्जा के प्रति जागरूक किया, जिसका सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगा है।
वर्तमान में लगभग 40 घरों में सोलर पैनल लगाने के आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इनमें ग्राम समनापुर की श्रीमती अंजनी पटेल के घर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल स्थापित किया गया है। इस परियोजना की कुल लागत 1.80 लाख रुपये रही, जिसमें 1.20 लाख रुपये का ऋण संकुल के माध्यम से उपलब्ध कराया गया, जबकि शेष राशि हितग्राही द्वारा वहन की गई। पीएम सूर्य घर (मुफ्त बिजली योजना) के तहत समूहों से जुड़े परिवारों को 6 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण सुविधा भी दी जा रही है।
कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने बताया कि महिलाओं को सौर ऊर्जा पैनल स्थापना एवं कनेक्शन का विशेष तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है और इससे महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राहियों को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के वरिष्ठ अधिकारियों के सहयोग से यह पहल सफल हो सकी है। वर्तमान में श्रीमती रेखा झारियां (समनापुर), श्रीमती सविता राजपूत (नेवारी) एवं श्रीमती दशमत चेलक (बैझी) के यहां भी सोलर पैनल स्थापना का कार्य जारी है।
उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा से जुड़े इस व्यवसाय के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को नई पहचान मिली है। इससे उन्हें कमीशन आधारित आय प्राप्त होगी और ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर सौर ऊर्जा से जुड़ी सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी। तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त महिलाएं अब आत्मनिर्भर बनते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही हैं।





