नारायणपुर से शुरू हुई ‘बस्तर तिरंगा यात्रा’, पहले दिन दंतेवाड़ा पहुंची
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने तिरंगा लेकर किया नेतृत्व, शहीद स्थलों पर दी श्रद्धांजलि
कवर्धा, 11 अगस्त 2026। बस्तर में शांति, एकता और विकास का संदेश लेकर ‘बस्तर तिरंगा यात्रा 2026’ का शुभारंभ नारायणपुर जिला मुख्यालय के हाई स्कूल ग्राउंड से हुआ। उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री एवं नारायणपुर विधायक केदार कश्यप ने बाइक पर तिरंगा लेकर यात्रा का नेतृत्व किया।

यात्रा के दौरान मंत्री द्वय ने शहीद स्थलों पर पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। शहीदों की स्मृति में वृक्षारोपण किया और शहीद स्थल की मिट्टी एकत्र की। उन्होंने शहीदों के परिजनों से मुलाकात कर उनका सम्मान भी किया।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर में शांति और विकास की जो नई कहानी लिखी जा रही है, उसके पीछे शहीदों का बलिदान है। उन्होंने कहा कि अब बस्तर के अंदरूनी क्षेत्रों में भी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा और सुरक्षित वातावरण में विकास को गति दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि सरकार बस्तर के संसाधनों, लघु वनोपज और स्थानीय लोगों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास की योजनाओं पर काम कर रही है। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत यह यात्रा बस्तर के कोने-कोने तक राष्ट्रभक्ति और एकता का संदेश पहुंचाएगी।

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि जिन क्षेत्रों को कभी नक्सल गतिविधियों के लिए जाना जाता था, वहां से आज तिरंगा यात्रा निकलना शांति और समृद्धि का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि अब बस्तर के लोग विकास के साथ नया इतिहास लिखने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
यात्रा के दौरान मंत्री द्वय ने ग्रामीणों और महिला स्व-सहायता समूहों से मुलाकात की तथा स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग, प्रसंस्करण और मार्केटिंग की संभावनाओं पर चर्चा की। अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
नारायणपुर से दंतेवाड़ा तक पहुंची यात्रा
पहले दिन तिरंगा यात्रा नारायणपुर से मुंजमेटा, झारागांव, धौड़ाई, कन्हारगांव, कड़ेनार, बोदली, सातधार और बारसुर होते हुए दंतेवाड़ा पहुंची।
यात्रा के दूसरे दिन दंतेवाड़ा से सुकमा और बीजापुर जिले के विभिन्न नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। तीसरे दिन बीजापुर से आवापल्ली, उसूर, गलगम, नंबी और ताड़पाला होते हुए कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर यात्रा का समापन प्रस्तावित है।





