कबीरधाम

कवर्धा में ‘अब दो नहीं चार’ अभियान से स्वच्छता का संदेश, चार श्रेणियों में करना होगा कचरे का पृथक्कीकरण

कवर्धा में ‘अब दो नहीं चार’ अभियान से स्वच्छता का संदेश, चार श्रेणियों में करना होगा कचरे का पृथक्कीकरण

सेवा संकल्प अभियान के तहत विभिन्न वार्डों में जनजागरूकता, चार रंगों के डस्टबिन के उपयोग की दी गई जानकारी

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कवर्धा। नगर पालिका परिषद कवर्धा द्वारा सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शहर के विभिन्न वार्डों में स्वच्छता और कचरा प्रबंधन को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाया गया। ‘अब दो नहीं चार’ के संदेश के साथ नागरिकों को घरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों से निकलने वाले कचरे को चार अलग-अलग श्रेणियों में पृथक रखने के लिए प्रेरित किया गया।

अभियान का उद्देश्य कचरे का उचित संग्रहण, प्रसंस्करण, पुनर्चक्रण और सुरक्षित निपटान सुनिश्चित करने के साथ शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाना है।

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चार श्रेणियों में अलग करना होगा कचरा

अभियान के दौरान नागरिकों को गीले और सूखे कचरे के साथ सैनिटरी अपशिष्ट तथा विशेष देखभाल वाले अपशिष्ट को भी अलग रखने की जानकारी दी गई। नगर पालिका के स्वच्छ भारत मिशन समन्वयक होमेश मानिकपुरी और स्वच्छता दीदियों ने लोगों को चार रंगों के डस्टबिन के उपयोग और उनमें डाले जाने वाले कचरे के बारे में समझाया।

जानिए, किस रंग के डस्टबिन में डालें कौन-सा कचरा?

हरा डस्टबिन — गीला कचरा: रसोई का कचरा, फल-सब्जियों के छिलके, बचा हुआ भोजन, फूल-पत्ते और चायपत्ती। इस कचरे से खाद बनाने और जैविक प्रसंस्करण में मदद मिलती है।

नीला डस्टबिन — सूखा कचरा: कागज, गत्ता, प्लास्टिक, बोतलें, कांच, धातु, रबर और कपड़े जैसी सूखी सामग्री। इसे अलग रखने से पुनर्चक्रण की प्रक्रिया आसान होती है।

लाल डस्टबिन — सैनिटरी अपशिष्ट: इस्तेमाल किए गए सैनिटरी नैपकिन, डायपर, पट्टी और बैंडेज जैसे अपशिष्ट को अन्य कचरे से अलग रखकर सुरक्षित तरीके से निस्तारित करना चाहिए।

बैंगनी डस्टबिन — विशेष देखभाल वाला अपशिष्ट: दवाइयां, इंजेक्शन, बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक सामान, बल्ब, पेंट के डिब्बे तथा कीटनाशक या रसायनों के कंटेनर जैसे अपशिष्ट को सामान्य कचरे में नहीं मिलाना चाहिए। इन्हें निर्धारित सुरक्षित संग्रहण एवं निपटान व्यवस्था के अनुसार देना चाहिए।

मिश्रित कचरा पर्यावरण के लिए नुकसानदायक

जनजागरूकता अभियान में बताया गया कि अलग-अलग प्रकार के कचरे को मिलाने से पुनर्चक्रण प्रभावित होता है और पर्यावरण को नुकसान पहुंच सकता है। घर से ही कचरे का पृथक्कीकरण करने पर गीले कचरे से खाद बनाने, सूखे कचरे का पुनर्चक्रण करने और सैनिटरी व विशेष देखभाल वाले अपशिष्ट का सुरक्षित निपटान करने में सहायता मिलती है।

नागरिकों की भागीदारी से स्वच्छ बनेगा कवर्धा

मुख्य नगर पालिका अधिकारी नारायण साहू ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने घरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों से निकलने वाले कचरे को चारों श्रेणियों में अलग-अलग करके ही दें। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल सफाई कर्मचारियों की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।

नगर पालिका का संदेश है कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन सुनिश्चित करने, पर्यावरण की रक्षा करने और कवर्धा शहर की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

रिपोर्ट — खिलेश्वर सिन्हा
KT छत्तीसगढ़ न्यूज
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KT Chhattisgarh News

खिलेश्वर सिन्हा KT CHHATTISGARH NEWS के संस्थापक एवं संपादक हैं। वे कवर्धा एवं कबीरधाम सहित छत्तीसगढ़ की स्थानीय, सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक और जनहित से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से पाठकों तक पहुंचाते हैं। KT CHHATTISGARH NEWS का उद्देश्य विश्वसनीय, निष्पक्ष और त्वरित समाचार उपलब्ध कराना है।

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