प्रधानमंत्री आवास योजना से बदली कबीरधाम के हजारों परिवारों की जिंदगी, 86 हजार से अधिक पक्के मकान पूर्ण
99,790 ग्रामीण परिवारों को मिला पक्का घर, 87% आवास निर्माण पूरा; रोजगार और अन्य योजनाओं का भी मिल रहा लाभ
कवर्धा, 02 सितंबर 2026। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के प्रभावी क्रियान्वयन से कबीरधाम जिले के हजारों ग्रामीण परिवारों के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। योजना के तहत जिले में अब तक 99,790 ग्रामीण परिवारों के आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 86,477 आवासों का निर्माण पूर्ण हो चुका है।
8
वर्ष 2016 से 2023 के दौरान जिले को 48,656 आवासों का लक्ष्य मिला था, जिसके विरुद्ध सभी 48,656 आवास स्वीकृत किए गए। इनमें से 47,164 आवास पूर्ण हो चुके हैं।
वहीं वर्ष 2024 से 2026 के दौरान जिले को 51,435 आवासों का लक्ष्य मिला। इसके विरुद्ध 51,134 आवास स्वीकृत किए गए हैं और अब तक 39,313 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है।

राज्य के औसत से बेहतर प्रदर्शन
दोनों अवधियों को मिलाकर कबीरधाम जिले में स्वीकृत आवासों में लगभग 87 प्रतिशत आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। यह उपलब्धि राज्य के लगभग 84 प्रतिशत औसत से अधिक है। जिला प्रशासन द्वारा लगातार समीक्षा और मैदानी स्तर पर निगरानी के चलते आवास निर्माण कार्य को गति मिली है।
हितग्राहियों को मिल रहा रोजगार और अन्य योजनाओं का लाभ
प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ विभिन्न योजनाओं का अभिसरण कर हितग्राही परिवारों को अतिरिक्त लाभ दिया जा रहा है। आवास निर्माण से जुड़े हितग्राहियों को 90 दिनों के रोजगार का अवसर भी मिल रहा है। इसके अलावा शौचालय, बिजली, नल-जल, उज्ज्वला गैस कनेक्शन, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड तथा महिला स्व-सहायता समूहों से जुड़ने जैसी सुविधाओं का लाभ भी परिवारों को मिल रहा है।
पक्का घर बना सम्मान और सुरक्षा का आधार
पहले कच्चे और असुरक्षित मकानों में रहने वाले परिवारों को अब पक्का और सुरक्षित आवास मिलने से उनके जीवन में स्थायित्व आया है। पक्का घर न केवल बारिश, गर्मी और अन्य प्राकृतिक परिस्थितियों से सुरक्षा प्रदान कर रहा है, बल्कि बच्चों के लिए बेहतर वातावरण, महिलाओं के लिए सुरक्षा और परिवार के सामाजिक सम्मान को भी बढ़ावा दे रहा है।
कबीरधाम में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत मिली यह उपलब्धि केवल आंकड़ों की सफलता नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के अपने पक्के घर के सपने के साकार होने की कहानी है।




