21 प्रतिशत कम दर में सड़क निर्माण, गुणवत्ता पर उठे सवाल
सड़क के बीच खंभों के साथ बना डामर रोड, हादसे का खतरा

कवर्धा। जिले में विकास कार्यों के बड़े-बड़े दावे एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गए हैं। लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा पिपरिया से गांगपुर तक बनाई जा रही सड़क अब लोगों के बीच “अजूबा सड़क” के नाम से चर्चित हो चुकी है। सड़क के बीचोंबीच बिजली के खंभे और हैंडपंप खड़े हैं, जो विभागीय लापरवाही और समन्वय की कमी को उजागर कर रहे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार सड़क के बीच 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन के खंभे लगे होने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। कई खंभे मोड़ों के पास स्थित हैं, जिससे वाहन चालकों को रात के समय खतरा और बढ़ जाता है।
कुछ दिन पहले ही कलेक्टर द्वारा सड़क निर्माण कार्य का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान गुणवत्ता और कार्य प्रगति को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन उसके बावजूद जमीनी स्थिति में सुधार नजर नहीं आ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि निरीक्षण के बाद भी निर्माण एजेंसी और विभागीय अधिकारियों ने गंभीर खामियों को नजरअंदाज किया।

मौके पर लगे सूचना पटल के अनुसार पिपरिया से गांगपुर तक लगभग 3.80 किलोमीटर लंबी सड़क एवं पुल-पुलिया निर्माण कार्य वर्ष 2025-26 में कराया जा रहा है। कार्य की प्रशासनिक स्वीकृति 524.89 लाख रुपये, तकनीकी स्वीकृति 499.81 लाख रुपये तथा निविदा लागत लगभग 497.62 लाख रुपये बताई गई है। वहीं 21 प्रतिशत कम दर पर अनुबंधित राशि करीब 3 करोड़ 90 लाख 43 हजार रुपये निर्धारित की गई है। कार्य पूर्ण करने की अंतिम तिथि 13 फरवरी 2026 तय है।
इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क कई स्थानों पर ऊंची-नीची बनी है तथा किनारों के शोल्डर शुरुआती दौर में ही धंसने लगे हैं। 10 दिन पहले डाले गए डामर के उखड़ने की शिकायत भी सामने आई है।
ग्रामीणों ने नाली निर्माण में भी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पानी तराई नहीं होने से नालियां टूटने लगी हैं तथा स्टीमेट के विपरीत कम मात्रा में सरिया का उपयोग किया गया है।

ग्रामीण ललित चंद्रवंशी, लेखा राजपूत, संजय चंद्रवंशी, विजय चंद्रवंशी, दलिचंद चंद्रवंशी, मनोज चंद्रवंशी, दीपक राजपूत, सुंदर चंद्रवंशी, खेलन चंद्रवंशी, प्रकाश चंद्रवंशी, सोमेश चंद्रवंशी, संदीप चंद्रवंशी, जितेंद्र चंद्रवंशी, विजय श्रीवास, रोहित साहू, अनिल चंद्रवंशी, आशीष चंद्रवंशी, सीताराम चंद्रवंशी, दिनु चंद्रवंशी, राजाराम पटेल, संतराम धुर्वे एवं दादूराम चंद्रवंशी ने कहा कि निर्माण से पहले विभागों के बीच समन्वय नहीं किया गया और जल्दबाजी में काम शुरू कर दिया गया।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क सुधार, दोबारा डामरीकरण और बिजली खंभों को हटाने की कार्रवाई नहीं हुई तो पिपरिया-गांगपुर-मरका मार्ग पर चक्का जाम किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।




