कबीरधाम में जल संरक्षण के लिए जनभागीदारी से बड़ा अभियान
कबीरधाम जिले में वर्षा जल संरक्षण को लेकर व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। गांव से लेकर शहर तक जनभागीदारी से बूंद-बूंद पानी बचाने के प्रयास तेज हो गए हैं। जिले में अब तक 1 लाख 25 हजार से अधिक जल संरक्षण कार्य किए जा रहे हैं, जिनमें सोकपिट, नवा तरिया, रिचार्ज पिट, चेक डैम, अमृत सरोवर, तालाब गहरीकरण और वृक्षारोपण शामिल हैं।
जनभागीदारी से अब तक 1 लाख 2 हजार से अधिक सोकपिट बनाए जा चुके हैं। ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं द्वारा घरों, खेतों, स्कूलों, पंचायत भवनों और हैंडपंपों के पास सोकपिट निर्माण कर जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा रहा है।

5 प्रतिशत मॉडल बना प्रेरणा
महिला स्व सहायता समूह की दीदियां 5 प्रतिशत मॉडल के तहत अपने घरों और खेतों में 2×2×1 फीट के सोकपिट बनाकर लोगों को प्रेरित कर रही हैं। इस अभियान के तहत अब तक 25 हजार से अधिक सोकपिट तैयार किए जा चुके हैं।

मनरेगा से जल संरक्षण और रोजगार
महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत 24 बड़े तालाबों का निर्माण “नवा तरिया आय के जरिया” योजना में किया जा रहा है, जिससे करीब 1.6 लाख मानव दिवस रोजगार मिलेगा। इसके अलावा जिले में 112 अमृत सरोवर, 4975 कंटूर ट्रेंच, 292 आजीविका डबरी, 652 रिचार्ज पिट, 435 तालाब गहरीकरण, 150 चेक डैम और 85 वृक्षारोपण कार्य किए गए हैं।
कलेक्टर गोपाल वर्मा की अपील
गोपाल वर्मा ने कहा कि वर्षा जल संरक्षण और भू-जल स्तर बढ़ाना प्रशासन की प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री आवास योजना और जनमन आवासों के पास भी सोख्ता गड्ढे बनाए जा रहे हैं। उन्होंने जिलेवासियों से जल संरक्षण अभियान में भागीदारी की अपील की।
भू-जल स्तर गिरना चिंता का विषय
अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि कबीरधाम वर्षा छाया क्षेत्र में आता है, इसलिए जल संरक्षण बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से भविष्य में पानी की समस्या से बचा जा सकता है और जल संरक्षण संरचनाएं रोजगार व आजीविका बढ़ाने में भी सहायक होंगी।




