महादेव की भक्ति के साथ मानव सेवा का संकल्प, 1.5 लाख से अधिक कांवड़ियों को कराया भोजन
पंडरिया विधायक भावना बोहरा की पहल: अमरकंटक में निःशुल्क भोजन-विश्राम सेवा का समापन, डोंगरिया में पूरे सावन चला भंडारा

कवर्धा। भगवान महादेव की भक्ति के साथ मानव सेवा की भावना को आगे बढ़ाते हुए पंडरिया विधायक भावना बोहरा द्वारा लगातार पांचवें वर्ष अमरकंटक में कांवड़ यात्रियों के लिए निःशुल्क भोजन एवं विश्राम की व्यवस्था की गई। 30 जुलाई से अमरकंटक के मेला मैदान स्थित डोम, नया नगर पालिका परिसर में संचालित इस सेवा का 24 अगस्त को विधिवत समापन हुआ।

इसके साथ ही ग्राम डोंगरिया स्थित जलेश्वर महादेव मंदिर में भी पूरे सावन माह कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था की गई। दोनों स्थानों पर इस वर्ष 1.50 लाख से अधिक कांवड़ियों एवं श्रद्धालुओं को भोजन कराया गया।
विधायक भावना बोहरा ने कहा कि कठिन यात्रा कर अमरकंटक पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सेवा उनके लिए केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जनसेवा और संस्कारों से जुड़ा दायित्व है। लगातार पांचवें वर्ष कांवड़ यात्रियों की सेवा करने का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों से कबीरधाम जिले से अमरकंटक आने वाले कांवड़ियों की सेवा के साथ-साथ पिछले दो वर्षों से मां नर्मदा मंदिर अमरकंटक से भोरमदेव मंदिर तक 151 किलोमीटर की कांवड़ पदयात्रा में शामिल होने का अवसर भी उन्हें मिला है।
भावना बोहरा ने कबीरधाम से पहुंचे सभी कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि धार्मिक परंपराओं और संस्कृति को आगे बढ़ाने में श्रद्धालुओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति और उसकी गौरवशाली परंपराओं को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए ऐसे आयोजन प्रेरणादायी हैं।

उन्होंने इस सेवा कार्य में भावना समाज सेवी संस्थान के सदस्यों के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि संस्था के सदस्यों ने दिन-रात सेवाभाव से कांवड़ियों की सेवा की, भोजन कराया और उनकी जरूरतों का ध्यान रखा।
विधायक ने प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले समाजसेवियों और कबीरधाम जिले की जनता का भी आभार जताया। अमरकंटक में निःशुल्क भोजन एवं विश्राम सेवा तथा डोंगरिया के जलेश्वर महादेव मंदिर में पूरे सावन चले भंडारे ने भक्ति के साथ सेवा और सेवा के साथ समर्पण की भावना को सार्थक किया।





