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विधानसभा में भावना बोहरा ने उठाए पंडरिया के अहम मुद्दे, बिजली, राजस्व और तेंदूपत्ता श्रमिकों के हितों पर सरकार से मांगा जवाब

वनांचल क्षेत्रों में बिजली, स्वतः नामांतरण, लंबित राजस्व प्रकरण और श्रमिक कल्याण योजनाओं को लेकर सरकार से किए महत्वपूर्ण सवाल

विधानसभा में भावना बोहरा ने उठाए पंडरिया के अहम मुद्दे, बिजली, राजस्व और तेंदूपत्ता श्रमिकों के हितों पर सरकार से मांगा जवाब

वनांचल क्षेत्रों में बिजली, स्वतः नामांतरण, लंबित राजस्व प्रकरण और श्रमिक कल्याण योजनाओं को लेकर सरकार से किए महत्वपूर्ण सवाल

कवर्धा, 13 जुलाई। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने क्षेत्र और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को सदन में उठाया। उन्होंने वनांचल क्षेत्रों में बिजली की समस्या, भू-राजस्व के लंबित मामलों, रजिस्ट्री के बाद स्वतः नामांतरण व्यवस्था तथा तेंदूपत्ता एवं लघु वनोपज संग्रहण से जुड़े श्रमिकों को मिलने वाली सुविधाओं पर सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी।

विधायक भावना बोहरा ने बताया कि पंडरिया विधानसभा के वनांचल और आदिवासी बहुल क्षेत्रों के कई गांव आज भी नियमित बिजली सुविधा से वंचित हैं। सरकार की ओर से दिए गए लिखित जवाब में बताया गया कि संबंधित 20 गांवों में से 8 गांव अब भी पारंपरिक बिजली व्यवस्था से वंचित हैं। इन क्षेत्रों में 71 परिवारों के पास बिजली नहीं है, जबकि 1,127 परिवार केवल सौर ऊर्जा आधारित व्यवस्था पर निर्भर हैं। सरकार ने स्पष्ट किया कि घने वन क्षेत्र होने के कारण फिलहाल इन गांवों को मुख्य विद्युत ग्रिड से जोड़ने की कोई योजना नहीं है।

रजिस्ट्री के बाद स्वतः नामांतरण (ऑटो म्यूटेशन) की प्रक्रिया को लेकर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में राजस्व विभाग ने बताया कि यह व्यवस्था लागू है, लेकिन सभी प्रकरणों को भूईयां पोर्टल पर प्रदर्शित करने के लिए आवश्यक तकनीकी प्रावधान अभी प्रक्रियाधीन हैं। मार्च 2024 से मार्च 2026 के बीच तकनीकी समस्याओं से संबंधित 9 शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिनका निराकरण कर दिया गया है।

कबीरधाम जिले में भू-राजस्व संहिता की धारा 115 के अंतर्गत लंबित मामलों पर सरकार ने बताया कि वर्तमान में 372 प्रकरण लंबित हैं। इन मामलों के लंबित रहने का मुख्य कारण पक्षकारों की अनुपस्थिति और साक्ष्य प्रस्तुत करने में देरी बताया गया। सरकार ने कहा कि राजस्व शिविर और ई-कोर्ट के माध्यम से इन मामलों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है तथा इनके निपटारे के लिए 45 कार्य दिवस की समय-सीमा निर्धारित है।

वन सुरक्षा समितियों, लघु वनोपज एवं तेंदूपत्ता संग्रहण से जुड़े श्रमिकों के संबंध में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में वन विभाग ने बताया कि श्रमिकों और संग्राहकों को पारिश्रमिक के अलावा प्रोत्साहन राशि, बीमा, सामाजिक सुरक्षा तथा बच्चों के लिए छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।

विधायक भावना बोहरा ने कहा कि विधानसभा के माध्यम से क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को सरकार के सामने मजबूती से रखा जा रहा है और उनका उद्देश्य पंडरिया विधानसभा के ग्रामीणों, किसानों, श्रमिकों एवं वनांचल क्षेत्र के लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

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