भगवान श्री सहस्रबाहु अर्जुन जन्मोत्सव पर भव्य आयोजन — कवर्धा में सांस्कृतिक कार्यक्रम की धूम

कवर्धा।
डड़सेना कलार समाज कबीरधाम द्वारा भगवान श्री सहस्रबाहु अर्जुन जन्मोत्सव के पावन अवसर पर 28 अक्टूबर 2025, मंगलवार को एक भव्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन माँ महामाया मंदिर चौक, कवर्धा में शाम 4 बजे से रात्रि 8 बजे तक होगा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में माननीय श्री विजय शर्मा जी, उपमुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन उपस्थित रहेंगे।अध्यक्षता करेंगे माननीय श्री रूपेन्द्र जायसवाल जी, अध्यक्ष, डड़सेना कलार समाज, कबीरधाम।
विशिष्ट अतिथि के रूप में माननीय श्री ईश्वर साहू जी, अध्यक्ष, जिला पंचायत कवर्धा उपस्थित रहेंगे।
सांस्कृतिक संध्या में सुर म्यूज़िकल जागरूकता ग्रुप देवकर द्वारा भव्य प्रस्तुति दी जाएगी, जिसमें प्रसिद्ध कलाकार मास्टर सुनील सिहोरे अपनी मधुर आवाज़ में भक्ति गीतों की प्रस्तुति देंगे।

इस अवसर पर नगर और जिले के कई जनप्रतिनिधि, समाज प्रमुख और श्रद्धालु उपस्थित रहेंगे, जिनमें मुख्य रूप से —
मान. श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी जी (अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद, कवर्धा)
मान. श्री सुषमा गनपत बघेल जी (अध्यक्ष, जनपद पंचायत, कवर्धा)
मान. श्री पवन जायसवाल जी (उपाध्यक्ष, नगर पालिका परिषद, कवर्धा)
रुपेंद्र सिन्हा सदस्य जनपद पंचायत कवर्धा
मान. श्री दीपक सिन्हा जी (पार्षद वार्ड क्र. 09, कवर्धा)
मान. श्री गजेन्द्र जायसवाल जी (उपाध्यक्ष, डड़सेना कलार समाज, कवर्धा)
मान. श्री आत्माराम जायसवाल जी (उपाध्यक्ष, डड़सेना कलार समाज, कवर्धा)
मान. श्री अवधराम जायसवाल जी (उपाध्यक्ष, डड़सेना कलार समाज, कवर्धा)
मान. श्री खेलुराम जायसवाल जी (उपाध्यक्ष, डड़सेना कलार समाज, कवर्धा)
मान. श्री श्रवण सिन्हा (सचिव, डड़सेना कलार समाज, कवर्धा)
मान. श्री रोहित जायसवाल जी (कोषाध्यक्ष, डड़सेना कलार समाज, कवर्धा)
मान. श्री बद्री जायवाल जी (अध्यक्ष, कवर्धा परिक्षेत्र)
मान. श्री भुपत जायसवाल जी (अध्यक्ष,बोड़ला, परिक्षेत्र )
मान. श्री श्यामलाल जायसवाल जी (अध्यक्ष, सहसपुर लोहारा परिक्षेत्र)
मान. श्री बृजनंदन जायसवाल जी (अध्यक्ष, पंडरिया परिक्षेत्र )
आदि गणमान्य शामिल होंगे।
आयोजक: इड्रसेना कलार समाज, कबीरधाम
स्थान: माँ महामाया मंदिर चौक, कवर्धा
दिनांक: 28 अक्टूबर 2025 (मंगलवार)
समय: शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक
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🔸 धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और समाज एकता का अद्भुत संगम — कवर्धा बनेगा भक्ति और उल्लास का केंद्र।





