चार प्रकार के डिब्बों में कचरा संग्रहण हेतु चल रहा जागरूकता अभियान

कवर्धा, 23 जून 2026। जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत 60 ग्राम पंचायतों में चार प्रकार के डिब्बों के माध्यम से कचरा पृथक्करण एवं संग्रहण का कार्य किया जा रहा है।

ग्रामीणों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से स्वच्छता दीदियों एवं विभागीय अमले द्वारा घर-घर जाकर सूखा, गीला, सेनेटरी एवं विशेष कचरे को अलग-अलग एकत्रित किया जा रहा है। साथ ही ग्रामीणों को कचरा खुले में नहीं फेंकने तथा प्लास्टिक के कम उपयोग एवं उसके पुनर्चक्रण के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा के निर्देशन में ग्राम पंचायतों में नारा लेखन, चित्रकारी, चौपाल, स्वच्छता रैली, घर-घर संपर्क एवं वार्ड स्तरीय बैठकों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। स्वच्छता ग्राही ग्रामीणों को प्लास्टिक न जलाने तथा उसे नालियों, तालाबों, नदियों एवं अन्य जल स्रोतों में नहीं फेंकने की जानकारी दे रहे हैं।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि ग्राम पंचायत सिघनपुरी जंगल, हथलेवा, राजपुर एवं बिरकोन में सरपंच, सचिव, पंच एवं ग्रामीणों के साथ संवाद स्थापित कर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं स्वस्थ गांव के निर्माण के लिए सभी नागरिकों की सहभागिता आवश्यक है।
ग्रामीणों को चार रंगों के डिब्बों का उपयोग करने की जानकारी भी दी जा रही है—
– हरा डिब्बा: गीला कचरा, सब्जियों के छिलके, बचा हुआ भोजन आदि।
– नीला डिब्बा: सूखा कचरा, प्लास्टिक, कागज, कांच, लोहा एवं पुट्ठे आदि।
– लाल डिब्बा: सेनेटरी कचरा, मास्क, बैंडेज आदि।
– काला डिब्बा: ई-वेस्ट, मेडिकल वेस्ट, बल्ब एवं अन्य विशेष कचरा।
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जिला प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे स्वच्छता दीदियों द्वारा किए जा रहे कचरा संग्रहण कार्य में सहयोग करें और अपने गांव को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।





