भोरमदेव मंदिर परिसर में सेवा संकल्प अभियान के तहत वृहद स्वच्छता कार्यक्रम
गांधी जयंती पर वन्यजीव सप्ताह का शुभारंभ, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिए जनभागीदारी का संदेश

कवर्धा। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर सेवा संकल्प अभियान के तहत ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल भोरमदेव मंदिर परिसर में वृहद स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष, कलेक्टर, वनमंडलाधिकारी कवर्धा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, महिला स्व-सहायता समूहों के सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और ग्रामीणों ने श्रमदान करते हुए भोरमदेव मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों की साफ-सफाई की। इस दौरान सार्वजनिक एवं धार्मिक स्थलों को स्वच्छ रखने तथा स्वच्छता को नियमित जीवनशैली का हिस्सा बनाने का संदेश दिया गया।
सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग कम करने की अपील

महात्मा गांधी के स्वच्छता संबंधी विचारों को याद करते हुए लोगों से अपने घर, गांव, कार्यस्थल और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी निभाने की अपील की गई। ग्रामीणों को सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग कम करने और कचरे का उचित निपटान सुनिश्चित करने के लिए भी जागरूक किया गया।

वन्यजीव सप्ताह का हुआ शुभारंभ
गांधी जयंती के अवसर पर वन्यजीव सप्ताह का औपचारिक शुभारंभ भी किया गया। अधिकारियों ने वन एवं वन्यजीव संरक्षण, प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा, मानव-वन्यजीव सहअस्तित्व और जैव विविधता के महत्व की जानकारी दी।
ग्रामीणों से वन्यजीवों की सुरक्षा में वन विभाग का सहयोग करने तथा वन्यजीव दिखाई देने या किसी आपात स्थिति की जानकारी मिलने पर तत्काल वन विभाग को सूचित करने का आग्रह किया गया।
भोरमदेव अभयारण्य का किया भ्रमण
कार्यक्रम के अंतर्गत भोरमदेव अभयारण्य क्षेत्र का भ्रमण कर प्राकृतिक संपदा, जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों का अवलोकन किया गया। इस दौरान महिला स्व-सहायता समूहों के सदस्यों से भी चर्चा की गई।
महिला समूहों की आजीविका गतिविधियों, वन संरक्षण में उनकी सहभागिता तथा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध वन संसाधनों पर आधारित रोजगार की संभावनाओं के संबंध में जानकारी ली गई।
स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक संकल्प
कार्यक्रम के माध्यम से स्वच्छता, सेवा, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी का समन्वित संदेश दिया गया। उपस्थित लोगों ने भोरमदेव मंदिर परिसर एवं अभयारण्य क्षेत्र की स्वच्छता और प्राकृतिक सुंदरता बनाए रखने में निरंतर सहयोग करने का संकल्प लिया।
रिपोर्ट — खिलेश्वर सिन्हा
KT छत्तीसगढ़ न्यूज
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