कबीरधाम में Dry-DSR तकनीक से धान की खेती पर कार्यशाला, किसानों को मिलेगा पानी और लागत में बड़ा लाभ
छत्तीसगढ़ एग्रीकॉन समिति और किसानक्राफ्ट लिमिटेड की पहल, आधुनिक तकनीक से खेती को बढ़ावा
कवर्धा | 17 मार्च 2026
कबीरधाम जिले में किसानों के लिए आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ एग्रीकॉन समिति और किसानक्राफ्ट लिमिटेड के सहयोग से “सूखी सीधी बुवाई धान (Dry-DSR)” तकनीक पर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला में बताया गया कि Dry-DSR तकनीक पारंपरिक रोपाई वाली खेती की तुलना में 30% तक पानी की बचत करती है। साथ ही मजदूरी, उर्वरक और कीटनाशकों की लागत में भी कमी आती है, जिससे किसानों को अधिक लाभ मिलता है।
विशेषज्ञों ने जानकारी दी कि इस तकनीक में खेत की जुताई के बाद सीधे बीज बोए जाते हैं, जिससे फसल जल्दी तैयार होती है और उत्पादन में भी सुधार होता है। साथ ही यह पद्धति जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में भी सहायक है।
किसानक्राफ्ट लिमिटेड के चेयरमैन श्री राकेश अग्रवाल ने कहा कि Dry-DSR तकनीक किसानों के लिए एक बेहतर विकल्प साबित हो रही है। इससे प्रति हेक्टेयर 15,000 से 39,000 रुपये तक की बचत संभव है और किसानों की आय में वृद्धि हो सकती है।
ए.टी.एम. (साइंस) डॉ. सुभाष सोनी ने तकनीक के फायदे बताते हुए कहा कि यह पद्धति पर्यावरण के अनुकूल है और मिट्टी की गुणवत्ता को बनाए रखने में मदद करती है।
वहीं श्री मानस बर्णवाल (CAS) ने कहा कि Dry-DSR तकनीक अपनाकर किसान कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। यह तकनीक पारंपरिक धान खेती की तुलना में अधिक लाभदायक साबित हो रही है।
श्रीमती मानसी मोटवानी (CAS) ने बताया कि यह तकनीक किसानों की निर्भरता कम करती है और सतत खेती (Sustainability) की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
🏢 कंपनी प्रोफाइल (Box Item)
किसानक्राफ्ट लिमिटेड एक ISO प्रमाणित कृषि उपकरण निर्माता कंपनी है, जो छोटे किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का कार्य कर रही है। कंपनी के पास 14 देशों में 5000 से अधिक डीलर्स का नेटवर्क है और यह Dry-DSR तकनीक को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है।
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